ये कैसी आजादी की ६१वीं सालगिरह है … ?

ये कैसी आजादी की ६१वीं सालगिरह है पिछले कई दिनों से अभिनव बिंद्रा की स्वर्णिम सफलता के खुमार में डूबा हुआ मन सवेरे प्रधानमन्त्री के द्वारा लालकिले पर तिरंगे के ध्वजारोहण के बाद ही फीका पड़ गया. राष्टट्रीय गौरव एवं अस्मिता के के इस स्वर्णिम दिवस पर मात्र ६० वर्षों में ही राजनेताओं ने हमारे अमर शहीदों के साथ साथ राष्ट्रपिता बापू का नाम भी भुला दिया।

श्रीनगर में तिरंगे को जलाती हुयी भीड़ के दृश्यों ने यह सोचने पर विवश कर दिया कि विगत ६० वर्षों में हमने विशेष दर्जा देकर भी घाटी में अपने देश के समस्त स्रोतों से किन लोगों को पाला पोषा है, अपने खून पसीने से सींचा है। क्या हम गौरवशाली सूफी संस्कृति और सही तहजीब का दंभ भरने वाले कश्मीरियत के सही अवाम का पोषण कर रहे हैं अथवा उनके नाम पर बस सत्ता लोलुप कुछ ऐसे हाथों को पोषित करते रहे हैं जो देश के साथ साथ सारी मानवता को आजादी और जिहाद के नाम पर अंधेरी सुरंग में धकेलते जा रहे हैं।

एक और ह्रदय विदारक घटना उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से है. जहाँ पर पुलिस द्वारा एक मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति की लाठिओं द्वारा सरे आम पिटाई का है. क्या आजाद भारत में पुलिस का यह बर्बरता पूर्ण आचरण आजादी का प्रतीक है. शर्मनाक है यह सब. ऐसे दृश्यों को देखकर आजादी के जश्न का सारा खुमार उतर कर मन में एक अवसाद ही उत्पन्न होता है. मानवीय संवेदना को तार तार करने वाले दृश्यों का अवलोकन करने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस के उन कर्मचारियों के बारे में क्या विचार व्यक्त किया जा सकता है … ?

यह कैसी आजादी …… ? किसके लिए आजादी ….. ? खेल जैसे पवित्र विषयों में भी राजनीति घुसा देने वाले लोगों के लिए…. मोनिका देवी के साथ होने वाली घटना के रूप में या फ़िर भ्रष्टाचार के नए नए तरीके ईजाद करने वाले लोगों के लिए आजादी …?

यद्यपि यह सारे सवाल मन में हैं फ़िर भी मैं आशान्वित हूँ कि संभवतः नयी पीढी अब बहुत कुछ समझाने लगी है. इसी के साथ एक आशा से भारी सोच लेकर अगली सुबह का इन्तजार कर रहा हूँ ….

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4 टिप्पणियाँ (+add yours?)

  1. अवनीश एस तिवारी
    अगस्त 15, 2008 @ 19:21:00

    सही है | इस समय देश में सुरक्षा दांव पर है |– अवनीश तिवारी

    प्रतिक्रिया

  2. अवनीश एस तिवारी
    अगस्त 15, 2008 @ 19:21:00

    सही है | इस समय देश में सुरक्षा दांव पर है |– अवनीश तिवारी

    प्रतिक्रिया

  3. Udan Tashtari
    अगस्त 15, 2008 @ 19:39:00

    स्वतंत्रता दिवस की बहुत बधाई एवं शुभकामनाऐं.

    प्रतिक्रिया

  4. संगीता पुरी
    अगस्त 16, 2008 @ 04:02:00

    एक और घटना घटी है , तिरंगे को उल्टा फहराने की । ये सब बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।

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