क्यों अमृत में गरल घोलते …… [कविता] – अमिता ‘नीर’


महामौन तुम नहीं बोलते
क्यों अमृत में गरल घोलते

तुम्हें नहीं बहला पाते हैं
रातें चन्द्रकिरण रस भीनी
ये हिमवर्षी सुन्दर दिन
अतिरंजित सपनें मानव के
क्यों ले मन के विजन डोलते
महामौन तुम नहीं बोलते
क्यों अमृत में गरल घोलते

अरे ! मौन ये भी अच्छा है
अंधकार कितना सच्चा है
पर इसमें भी जुगुनू जैसे
कोटि कोटि तारे प्रदीप्त हैं

अलकें पलकें निशि भर जगकर
कहती हैं क्या टिम टिम करते
महा मौन तुम नहीं बोलते
क्यों अमृत में गरल घोलते

मदमाते यौवन की पावस
कभी बनी जो मधुर विह्वला
किन्तु आज इस सूनेपन में
इस एकाकी नीरवता में
क्यों न हृदय की ग्रन्थि खोलते
महामौन क्यों नहीं बोलते
अनाहूत क्षण क्यों टटोलते

Advertisements

नियंत्रण रेखा पर फायरिंग पाकिस्तान की सोची समझी हुयी रणनीतिक चाल…. [आलेख] – श्रीकान्त मिश्र ‘कान्त’

पाकिस्तान आर्मी द्वारा कश्मीर क्षेत्र में नियंत्रण रेखा पर स्वघोषित युद्धविराम का उल्लंघन करते हुये  फायरिंग करना सोची समझी हुयी रणनीतिक चाल है. इस चाल के पीछे पाकिस्तान सरकार और उसके सभी महत्वपूर्ण संस्थानों में तालिबान से सहनुभूति रखने वाले तत्व उपस्थित हैं. पाकिस्तानी सेना को पहली बार देश के अंदर आतंकवाद का सामना करते हुये उसी तालिबान से युद्ध करना पड़ रहा है जिसे उसने स्वयं ही पोषित और पल्लवित किया है. एक समय इसी तालिबान को जनरल मुशरर्फ और सरकार के शक्तिशाली पदों पर बैठे हुये अन्य लोगों द्वारा विशेष रणनीतिक सहयोगी बताया जा चुका है. ऎसे में पाकिस्तान सेना आधे अधूरे मन से युद्ध करते हुये तालिबान के सामने कभी भी सफलता नहीं पा सकती है. इसके साथ ही समस्या है कि बहुत बड़ी संख्या में अब तालिबान दाढ़ी साफ करके जन साधारण में घुल मिल चुके हैं. वह गुरिल्ला युद्ध करते हुये आत्मघाती हमले कर रहे हैं. तालिबान नाम का जो भस्मासुर पाकिस्तान ने खुद उत्पन्न किया है अब वह उस पर ही भारी पड़ रहा है. इन परिस्थितियों में पाकिस्तान येनकेनप्रकारेण तालिबानी आतंकवादियों से जूझती एवं मार खाती हुयी अपनी सेना को स्वात घाटी से बाहर निकालने का मार्ग  ढ़ूंढ़ रहा है. 

युद्ध विराम का उल्लंघन करते हुये नियंत्रण रेखा पर फायरिंग करने से पाकिस्तान एक साथ कई लक्ष्य साधने का प्रयास कर रहा है. प्रथमत: वह भारत को भड़काते हुये कश्मीर समस्या को वैश्विक आतंकवाद से जोड़ना चाहता है ताकि निहित स्वार्थों के चलते हुये विश्वसमुदाय का ध्यान पाक-अफगान पर आतंक के मुख्य क्षेत्र से हटकर कश्मीर पर हो जाये. इससे एक तरफ वह अपने ही देश में तालिबान समर्थक कट्टरपंथी तत्वों को शांत करना चाहता है जो तालिबान के साथ युद्ध छिड़्ने से नाराज हैं. दूसरी ओर यदि किसी भी कारण से भारत भड़्काने की कार्यवाही से उत्पन्न स्थिति में प्रतिक्रियावश कोई कार्यवाही करता है तो उसे अपनी हतोत्साहित सेना को स्वात घाटी से अबिलम्ब बाहर निकालने का बहाना मिल जायेगा. और यदि भारत कोई कार्यवाही नहीं करता है तब भी वह भारत में अघोषित अपने प्राक्सीवार को सहायता पहुंचाने का ल्क्ष्य साध रहा है.

इस तरह पाकिस्तान कश्मीर क्षेत्र में नियंत्रण रेखा पर स्वघोषित युद्धविराम का उल्लंघन करते हुये एक तीर से कई लक्ष्य साधने का कार्य कर रहा है.