हमारे बच्चों को उनके पारिवारिक सामाजिक बुज़ुर्गों की गोद कैसे मिले .. [ आलेख] – श्रीकान्त मिश्र ’कान्त’

  क्या किसी व्यक्ति में कुपोषण मात्र शारीरिक दुर्बलता से ही परिलक्षित होता है ..? शारीरिक विकास हेतु सम्पूर्ण पौष्टिक आहार की उपलब्धता के साथ साथ विकास के समय शैशव से लेकर किशोर, तरूणावस्थातीत युवकों के लिये भी विकास के आरम्भिक चरण में समुचित मानसिक बौद्धिक खुराक के अभाव में वह शारीरिक रूप से तो सबल हो सकते हैं किन्तु मानसिक रूप से …

  नहीं नहीं मैं मानसिक अक्षमता की बात नहीं कर रहा हूं अपितु समुचित संस्कारों के अभाव की चर्चा कर रहा हूं। इनके अभाव में बहुत अच्छे परिवारों के बच्चे भी वयक्तित्व की दुर्बलता से ग्रस्त होकर अभिशप्त रास्ते पर चल निकलते हैं। माता पिता कई बार अतयधिक महत्वपूर्ण पदासीन अथवा धनोपार्जन में व्यस्त होने के कारण सारी व्यवस्थाओं का प्रन्बन्धन कर देते हैं मात्र अक व्यक्तिगत समय एवं इसी मानसिक पोषण के। क्योंकि यह किसी दुकान अथवा माल में पैसे या पद से सुलभ नहीं होता है। यह तो परम्परागत स्वरूप से दादा दादी नाना नानी की गोद में उपलब्ध होता आया है। 

  अब एकल परिवारों के कारण अथवा जीविकोपार्जन तथा अन्यान्य कारणों सहित यही गोद दुष्प्राप्य हो चुकी है। ऐसे में इन मानसिक दुर्बलता के शिकार नागरिकों की संख्या में निरन्तर वृद्धि हो रही है और सामाजिक अपराध बढ़ते जा रहे हैं
   क्या इस साधारण से विष्लेषण को कोई समझना चाहता है ? क्या यह दायित्व भी हम सरकार पर डाल सकते हैं कि हमारे बच्चों को उनके पारिवारिक सामाजिक बुज़ुर्गों की गोद मिले .. ? सोचें जरा एक बार हम अपने अंतस में भी विचार करें..!!
©तृषा’कान्त’

Advertisements

1 टिप्पणी (+add yours?)

  1. shikha varshney
    अप्रैल 02, 2012 @ 12:08:53

    कहाँ समझते हम यह ? या जब तक यह बात समझ आती है पानी सर से गुजर चुका होता है

    प्रतिक्रिया

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  बदले )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  बदले )

Connecting to %s

%d bloggers like this: