प्रसिद्घ वेबज़ीन साहित्य शिल्पी 1 मई से कलेवर में


साहित्य शिल्पी के सभी मित्रों को सादर अभिवादन …!
  जैसा कि विदित है आदरणीय सूरज प्रकाश जी प्रधान संपादक के रूप में 1 मई से साहित्यशिल्पी के नये अंक को प्रस्तुत करेंगे। संलग्न है उनके पत्र का संदेश … आभार – तृषाकान्त

प्रिय मित्र ..!
   आपसे ये बात शेयर करते हुए मुझे बेहद खुशी हो रही है कि मैं प्रसिद्घ वेबज़ीन साहित्‍यशिल्‍पी (sahityashilpi.com) के संपादन का कार्यभार संभालने जा रहा हूं। 

पहली मई 2012 का अंक नये कलेवर में निकलेगा। इसमें पहले की तरह कहानी, साक्षात्‍कार, यात्रा वृतांत, कविता, ग़ज़ल, आदि तो रहेंगे ही, हम कुछ नये कॉलम भी शुरू करने जा रहे हैं। ये नये स्‍तंभ इस तरह से होंगे: · 

आओ धूप- इसमें रचनाकार की अब तक कहीं भी अप्रकाशित रचना लेंगे। इसके साथ लेखक से आशय का पत्र भी लेंगे कि ये लेखक की पहली रचना है और अब तक कहीं प्रकाशित नहीं है। नेट पर तो बिलकुल भी नहीं। · 

भाषा सेतु- इसमें हम दूसरी भाषाओं से अनूदित स्‍तरीय रचनाएं आमंत्रित करेंगे। कहानी, कविता या मानविकी, विज्ञान। · 

मेरे पाठक – हम ये नया कॉलम शुरू करेंगे जिसमें हम किसी भी वरिष्‍ठ रचनाकार से उसके पाठकों से मिले अनुभव अपने पाठकों के लिए लेंगे। हर लेखक पाठकों के लिए ही लिखता है और उन्‍हीं के बलबूते पर लेखन में जिंदा भी रहता है। कई पाठक तो लेखकों को ऐसे ऐसे अनुभव दे कर जाते हैं कि लेखक को एक नयी रचना की ज़मीन मिलती है। हम यही अनुभव लेना चाहेंगे। · 

विरासत- इस कालम में हम कालजयी रचनाओं को पेश करना चाहेंगे। ये किसी बड़ी रचना का सार संक्षेप भी हो सकता है और रचना छोटी होने की स्थ्‍िति में जस का तस भी। · 

देस परदेस – इसमें महीने में एक बार हम उपलब्‍ध होने पर प्रवासी साहित्‍य लेना चाहेंगे। · हम एक कालम और शुरू करेंगे जिसमें नेट मीडिया पर अन्‍यत्र छपी बेहतरीन रचनाओं की, चल रही बहस की, उठाये गये मुद्दों की बात करेंगे। · 

मैंने पढ़ी किताब – इस कॉलम में हम विभिन्‍न स्रोतों से सद्य प्रकाशित किताबों के बारे में अपने पाठकों को बतायेंगे। हो सके तो किताब के कवर का स्‍केन, प्रकाशन संबंधी जानकारी भी देंगे। इसी कालम में हम स्‍तरीय किताबों के पढ़े जाने के बारे में भी फीडबैक लेंगे। · 

पठनीय – इसमें हम स्‍तरीय किताबों की समीक्षा आमंत्रित करेंगे और किताबें मिलने पर समीक्षाएं करवा कर प्रकाशित भी करेंगे। तो मित्रो, ये पत्रिका तो आप सब की है, आप सब के लिए है और निश्चित रूप से आप सबके रचनात्‍मक सहयोग से ही चलने वाली है। आपकी रचनाओं का हमें बेसब्री से इंतज़ार रहेगा1 हां, रचना भेजते समय ये ज़रूर देख लें कि वह पहले से ही नेट पर किसी और पत्रिका, ब्‍लॉग या वेबसाइट पर उपलब्‍ध न हो। 

आप यूं मान लीजिये कि हम अपने पाठकों को आपकी नवीनतम रचना के पाठ का सुख देना चाहेंगे। आपकी रचना के साथ आपका प्रोफाइल और फोटो भी मिले तो सोने में सुहागा। आप अपनी रचना मुझे mail@surajprakash.com पर या सीधे ही पत्रिका के पते sahityashilpi@gmail.com पर भेज सकते हैं। 

आपका अपना ही 

– सूरज प्रकाश 

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2 टिप्पणियाँ (+add yours?)

  1. भारतीय नागरिक - Indian Citizen
    अप्रैल 20, 2012 @ 12:34:48

    बधाई हो आपको..

    प्रतिक्रिया

  2. Rachana
    अप्रैल 20, 2012 @ 15:42:13

    aapko bahut bahut badhai ho aapne jo bhi naye nay stambh ki baat ki hai vo sabhi bahut hi uttam hai .aapko punah badhairachana

    प्रतिक्रिया

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